रेलवे

रेलवे

 

 

राइट्स ने रेलवे सेक्टर में डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर, हाई-स्पीड पैसेंजर कॉरिडोर, नेटवर्क विस्तार, रेलवे विद्युतीकरण, उप-शहरी रेलवे प्रोजेक्ट्स, प्रोडक्शन यूनिट्स और वर्कशॉप आधुनिकीकरण, पोर्ट कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट्स, फ्रेट टर्मिनल/लॉजिस्टिक्स पार्क, रेलवे स्टेशनों का पुनर्विकास और तटीय संपर्क कार्यक्रम आदि जैसी परियोजनाओं में अपनी निरंतर उपस्थिति दर्ज की है।

आफरिंग

इन्फ्रास्ट्रक्चर अध्ययन:

व्यवहार्यता अध्ययन, प्रारंभिक इंजीनियरिंग-सह-यातायात अध्ययन, अंतिम स्थान सर्वेक्षण, विस्तृत परियोजना रिपोर्ट आदि।

इंजीनियरिंग सेवाएं:

विस्तृत इंजीनियरिंग, एकीकृत डिजाइन सेवाएं और तकनीकी सहायता; थोक वस्तुओं के परिवहन के लिए 'मैरी-गो-राउंड' प्रणालियों सहित रेल-आधारित परिवहन प्रणाली की अवधारणा और डिजाइन; रेल इन्फ्रास्ट्रक्चर के विकास के लिए टर्नकी समाधान, रेलवे साइडिंग के निर्माण और विभिन्न उद्योगों की कनेक्टिविटी परियोजनाओं सहित परियोजना प्रबंधन सेवाएं।

रोलिंग स्टॉक डिजाइन:

रोलिंग स्टॉक के तकनीकी अपग्रेडेशन का अध्ययन और कार्यान्वयन; स्मार्ट यार्ड, कोचिंग और फ्रेट मेंटेनेंस डिपो जैसी रखरखाव और परिचालन सुविधाएं; रोलिंग स्टॉक का डिजाइन और विकास; वैगनों की खरीद और आपूर्ति।

रेल उपस्कर सेवाएं:

राइट्स लोको को पट्टे पर देना; लोकोमोटिव और वैगनों का संचालन और रखरखाव; रेलवे ट्रैक का पुनर्वास और रखरखाव; मशीनरी, निजी यार्ड और साइडिंग में ट्रेन ऑपरेशन और संबंधित संचालन; लोकोमोटिव, वैगन और डीजल जनरेटर सेट के आवधिक ओवरहाल/मेजर शिड्यूल; परिचालन, वर्कशॉप, डिपो और सहायक सुविधाओं समेत रेलवे प्रणाली का प्रबंधन; रेल प्रणाली के उन्नयन, पुनर्वास का अध्ययन; रोलिंग स्टॉक कार्यक्रम (आरएसपी), सवारी डिब्बों को एनएमजी में परवर्तित करने जैसे पूंजीगत व्यय कार्य।

सिगलिंग और दूरसंचार:

फील्ड सर्वे और डेटा कलेक्शन, फिजिबिलिटी स्टडीज, सुपरवाइजरी कंट्रोल एंड डेटा एक्विजिशन (एससीएडीए), स्मार्ट सिटी सॉल्यूशंस, पैनल इंटरलॉकिंग/रूट रिले इंटरलॉकिंग/इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग का डिजाइन, ऑप्टिकल फाइबर कम्युनिकेशन नेटवर्क, ओबीमल ट्रेन रेडियो कम्युनिकेशन (जीएसएम-आर), इंटेलिजेंट हाईवे ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम।

विद्युत इंजीनियरिंग:

रेल विद्युतीकरण, सब-स्टेशन, ग्रिड सब-स्टेशन, भवन विद्युतीकरण, एचवीएसी तथा फायर अलार्म सिस्टम, ईएंडएम कार्य, एस्केलेटर्स और एवलेटर्स, डीजी सेट्स, ग्रामीण विद्युतीकरण, सौर मॉड्यूल फोटो वोल्टिक सिस्टम, क्षेत्रों में गुणवत्ता आश्वासन और निगरानी निरीक्षण, रेलवे विद्युतीकरण आदि में गुणवत्ता आश्वासन और निगरानी निरीक्षण।